भारत सरकार समर्थन मुल्य घोषित करते समय लागत,महगाई दर का आंकड़ा भी जारी करे, गेंहू के समर्थन मूल्य में 25 रुपये की वृद्धि*

संवाददाता - पवन कुमार गुप्ता 
नई दिल्ली 

*भारत सरकार समर्थन मुल्य घोषित करते समय लागत,महगाई दर का आंकड़ा भी जारी करे, गेंहू के समर्थन मूल्य में 25 रुपये की वृद्धि*
धर्मेंद्र मलिक राष्ट्रीय प्रवक्ता (भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक)

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक द्वारा सरकार द्वारा घोषित रबी सीजन 2027-28 के लिए घोषित समर्थन मुल्य पर प्रतिक्रिया जारी कर राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि समर्थन मूल्य के साथ किसानों के खर्च और बढ़ी महगाई का भी आंकड़ा जारी करना चाहिए ।पश्चिम एशिया में तनाव के चलते किसानों को खरपतवारनाशक ,कीटनाशक डेढ़ गुना मुल्य पर मिल रहा है,डीज़ल के दाम में वृद्धि हुई है इसके साथ ही सल्फर अन्य पोषक तत्त्वों के मुल्य में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है लेकिन भारत सरकार द्वारा गेहूँ के मूल्य में 25 रुपये की वृद्धि करते समर्थन मूल्य 2610 घोषित किया है 
गेहूं के मूल्य में 0.96% की वृद्धि धोखा है सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसान पर लगातार कर्जा बढ़ता जा रहा है ।
एमएसपी की घोषणा में गेहूं की तुलना में दलहन और तिलहन को अपेक्षाकृत अधिक बढ़ोतरी दी गई है। मसूर का एमएसपी 7,000रुपये से बढ़ाकर 7,390रुपये,चने का एमएसपी 5,875 रुपये से बढ़ाकर5,958 रुपये और जौ का 2,150रुपये से बढ़ाकर 2,286रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम के एमएसपी में675रुपये प्रति क्विंटल की हुई है,जबकि सरसों और रेपसीड के एमएसपी में413 रुपये तथा मसूर में 390 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

सरकार से भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक सवाल करती है कि फसलों का मुल्य घोषित करते समय लागत और उसकी प्रामाणिक जानकारी भी घोषित करे 
हम यह भी जानना चाहते हैं कि गेहूं उत्पादन में कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना, पंतनगर की क्या लागत बताई है इसे भी सार्वजानिक किया जाएगा।

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