नई दिल्ली नगरपालिका परिषद
संवाददाता - पवन कुमार गुप्ता
• राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने एनडीएमसी में स्वच्छता सेवाओं एवं सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की,
• एनसीएसके ने एनडीएमसी में शून्य मैनुअल स्कैवेंजिंग, सफाई कर्मचारियों के कल्याण तथा श्रम कानूनों के पूर्ण अनुपालन पर विशेष बल दिया।
नई दिल्ली, 17 जुलाई, 2026.स्वच्छता सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के माननीय सदस्य - श्री कर्म सिंह कर्मा ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जय सिंह रोड स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आज एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में एनडीएमसी के सचिव - श्री राहुल सिंह, मुख्य अभियंता, निदेशकगण, स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सफाई कर्मचारी यूनियनों एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, आउटसोर्स एजेंसियों के अधिकारी, ठेकेदार तथा एनडीएमसी के विभिन्न स्वच्छता सर्किलों का प्रतिनिधित्व करने वाले सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य - श्री कर्म सिंह कर्मा ने कहा की - "सफाई कर्मचारी हमारे शहरों के वास्तविक संरक्षक हैं। वे हम सभी से पहले प्रातःकाल अपने घरों से निकलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारी सड़कें, सार्वजनिक स्थल और मोहल्ले स्वच्छ, स्वस्थ एवं स्वागत योग्य बने रहें। उनका अथक समर्पण ही शहरी जीवन की मजबूत नींव है और वे सर्वोच्च सम्मान एवं पहचान के अधिकारी हैं। उनके कल्याण, गरिमा और कार्य परिस्थितियों की रक्षा करना हमारी तथा प्रत्येक नागरिक संस्था की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
उन्होंने आगे कहा, "एनडीएमसी के सफाई कर्मचारी यूनियनों एवं अन्य कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के दौरान मैंने उनकी समस्याओं, शिकायतों तथा महत्वपूर्ण सुझावों को गंभीरता से सुना। उनके द्वारा उठाए गए वास्तविक मुद्दों एवं मांगों से एनडीएमसी प्रशासन को अवगत करा दिया गया है तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मैं सभी सफाई कर्मचारियों को आश्वस्त करता हूँ कि उनकी न्यायोचित मांगों के शीघ्र समाधान के लिए ईमानदार प्रयास किए जाएंगे।"
बैठक में एनडीएमसी क्षेत्र में संचालित स्वच्छता सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से मैनुअल स्कैवेंजिंग एवं जोखिमपूर्ण सफाई कार्यों की रोकथाम और पूर्ण उन्मूलन, सुरक्षित कार्य परिस्थितियों के लिए यंत्रीकृत स्वच्छता प्रणाली को बढ़ावा, सफाई कर्मचारियों के कल्याण, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सेवा शर्तों, नियमित व्यवस्था के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों एवं वैधानिक दायित्वों के कड़ाई से अनुपालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि स्वच्छता सेवाओं से जुड़ी सभी आउटसोर्स एजेंसियां एवं ठेकेदार श्रमिक कल्याण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्णतः पालन करें। आउटसोर्स एजेंसियों के प्रतिनिधियों को अनुबंध समझौतों, कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ.) तथा सफाई कर्मचारियों के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित अन्य सभी वैधानिक अनुपालनों के अभिलेख उपलब्ध कराने एवं नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
माननीय सदस्य ने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रत्येक सफाई कर्मचारी को कानून द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाएं एवं अधिकार प्राप्त होने चाहिए तथा उनकी गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
माननीय सदस्य ने स्वच्छता, जन स्वास्थ्य, सीवर एवं नालों के रखरखाव, अभियांत्रिकी कार्यों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कर्मचारी कल्याण, स्थापना, अनुबंध तथा श्रम कानून अनुपालन से संबंधित विभागों की तैयारियों की भी समीक्षा की। संबंधित विभागों ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर अद्यतन स्थिति रिपोर्ट एवं अभिलेख प्रस्तुत किए, जिन पर विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने, प्रभावी स्वच्छता प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा सफाई कर्मचारियों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए सभी हितधारकों के बीच समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
समीक्षा बैठक में आधुनिक प्रौद्योगिकी, बेहतर निगरानी तंत्र तथा सफाई कर्मचारियों के कल्याणकारी उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विश्वस्तरीय स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति एनडीएमसी के विशेष फोकस को रेखांकित किया गया। साथ ही, यह बैठक राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग एवं एनडीएमसी के उस साझा प्रयास को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसके माध्यम से प्रत्येक सफाई कर्मचारी की गरिमा, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं समावेशी शहरी वातावरण का निर्माण किया जा रहा है।
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