संवाददाता - पवन कुमार गुप्ता
नई दिल्ली
महंगाई, बेरोजगारी और सांप्रदायिकता के खिलाफ माकपा का जोरदार धरना-प्रदर्शन, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को सौंपा ज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) गौतमबुद्ध नगर जिला कमेटी के नेतृत्व में आज बढ़ती महंगाई, बेकाबू बेरोजगारी, आवास संकट, किसानों की समस्याओं और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के खिलाफ सूरजपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा और जनहित में तत्काल कदम उठाने की मांग की। मुख्य वक्ताओं ने उठाए गंभीर मुद्दे।
धरने को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) दिल्ली एनसीआर राज्य सचिव कॉमरेड अनुराग सक्सैना ने कहा कि पिछले 15 दिनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से दूध, सब्जी, दाल, दवाइयां और शिक्षा तक महंगी हो गई है। महंगाई अब केवल आर्थिक नहीं, गहरा सामाजिक संकट बन चुकी है।
सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड बृजेश कुमार और राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंप रही है, जबकि जनता को सांप्रदायिकता के नाम पर लड़ाया जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर पार्टी सचिव कॉमरेड रामसागर ने कहा कि एनसीआर में अकुशल मजदूर को मात्र 13,690 रुपये मिलते हैं, जबकि दिल्ली में 18,456 रुपये। पार्टी ने न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की।
इन नेताओं ने की शिरकत
प्रदर्शन में जिला कमेटी सदस्य कॉमरेड भरत डेंजर, नरेंद्र पांडे, हर किशन सिंह, जनवादी महिला समिति की नेता आशा यादव, रेखा चौहान, चंदा बेगम, गुड़िया देवी, किसान सभा जिला अध्यक्ष रूपेश वर्मा, लॉयर्स यूनियन के एडवोकेट गजेंद्र खारी, एडवोकेट विनोद कुमार, सीटू नेता कॉमरेड सुनंद, मुकेश कुमार राघव, रामस्वारथ, अरुण पटेल, हुकम सिंह, टीकम सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें 1. पेट्रोल, डीजल व सीएनजी पर लगे करों में तत्काल भारी कटौती की जाए। 2. दाल, खाद्य तेल, रसोई गैस व जीवनरक्षक दवाओं सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित हों। 3. सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाकर राशन में दाल, चीनी, तेल शामिल किया जाए। 4. सभी सरकारी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए व मनरेगा का विस्तार कर शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू हो। 5. एनसीआर में न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की जाए। 6. मजदूरों के लिए सम्मानजनक आवास की व्यवस्था हो, बिना पुनर्वास बस्ती न उजाड़ी जाए। 7. भूमि अधिग्रहण में किसानों को 10% विकसित भूखंड व नए कानून के तहत उचित मुआवजा दिया जाए। 8. नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नगर निगम का गठन कर स्थानीय स्वशासन को सशक्त किया जाए। 9. कृषि व सार्वजनिक उद्योगों में सार्वजनिक निवेश बढ़ाकर आम जनता की क्रय शक्ति बढ़ाई जाए।
चेतावनी
नेताओं ने कहा कि केवल नारों से महंगाई-बेरोजगारी खत्म नहीं होगी। जब तक आम जनता की आय नहीं बढ़ेगी, रोजगार सृजन नहीं होगा। यदि मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन तेज करेगी।
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