योग हमें तनाव से शक्ति और नकारात्मकता से सकारात्मकता व रचनात्मकता की ओर ले जाता है


 नई दिल्ली: राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के निदेशक डॉ. शेख अकील अहमद ने आज योग दिवस के अवसर पर कहा कि एक सफल और सार्थक जीवन जीने के लिए और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यक्ति का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है जिसमे योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, हम योग को अपनाकर अपने जीवन को स्वस्थ और  कारगर बना सकते हैं। चूंकि एक स्वस्थ व्यक्ति ही जीवन में सफल हो सकता है, इसलिए हमें योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।  डॉ. अकील अहमद ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और भारतीय धरोहर का एक महत्वपूर्ण अंग है।  उन्होंने कहा कि योग प्राचीन भारतीय परंपरा और संस्कृति की अमूल्य देन है।  यह मन और शरीर, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य व स्वस्थ और फिट रहने का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।  योग न केवल एक व्यायाम है बल्कि शारीरिक और आध्यात्मिक शांति और संतोष का स्रोत भी है।  जीवन के तौर-तरीकों में सुखद बदलाव लाकर योग हमारे लिए मददगार हो सकता है।

शेख अकील अहमद ने अपने बारे में कहा कि वह हर सुबह  बीस से पच्चीस मिनट योग करते हैं जिसका उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और इससे उनको असाधारण लाभ हुआ है।

शेख अकील अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यह बयान कि योग हमें तनाव से शक्ति की ओर ले जाता है और नकारात्मकता से सकारात्मक प्रवृत्ति और रचनात्मकता की ओर ले जाता है, योग की सबसे अच्छी परिभाषा है।  राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के निदेशक ने कहा कि शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक जी के नेतृत्व में एनसीपीयूएल भारत की इस महत्वपूर्ण विरासत को आगे बढ़ाने के लिए योग पर लिखी गई पुस्तकों को उर्दू भाषा में प्रकाशित करेगी और पूरे उर्दू जगत को योग के शारीरिक और चिकित्सीय महत्व से परिचित कराने का कार्य करेगी।

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