छब्बीसवें संबलपुर पुस्तक मेले के समापन पर पुस्तकें, संस्कृति और बच्चे केंद्र बिंदु बने रहे।


 

संवाददाता - पवन कुमार गुप्ता 

नई दिल्ली 

छब्बीसवें संबलपुर पुस्तक मेले के समापन पर पुस्तकें, संस्कृति और बच्चे केंद्र बिंदु बने रहे।



2 फरवरी 2026.,संबलपुर पुस्तक मेला, नौवाँ दिन..पुस्तकें, संस्कृति और बच्चों का एक शानदार संगम, छब्बीसवाँ संबलपुर पुस्तक मेला आज खत्म हो गया। यह पुस्तक मेला 24 जनवरी को शुरू हुआ था और इसमें लाखों लोगों को अपनी पसंदीदा पुस्तकें खरीदने और नई पुस्तकें खोजने का मौका मिला। 250 से ज़्यादा स्टॉल्स पर बच्चों का साहित्य, फिक्शन, नॉन-फिक्शन, शिक्षा जगत की पुस्तकें और पॉपुलर पुस्तकें उपलब्ध थीं। इससे इस मेले ने संबलपुर और आस-पास के स्थानों के पाठकों को आकर्षित किया। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशकों की पुस्तकों की उपलब्धता ने इस आयोजन को संबलपुर और आस-पास के क्षेत्रों के लोगों के लिए बहुत खुशी का मौका बना दिया।


बच्चों के पवेलियन में हर दिन अलग-अलग स्कूलों के एक हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बच्चों और माता-पिता दोनों ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत (एनबीटी) के राष्ट्रीय बाल साहित्य केंद्र (एनसीसीएल) द्वारा आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों की बहुत प्रशंसा की। इन कार्यक्रमों ने रचनात्मकता, कल्पना, विरासत और कला को मिलाकर बच्चों को एक नई दिशा दी। आखिरी दिन 1,500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। दिन की शुरुआत 'रंग बिरंगी कहानी की दुनिया' से हुई। इसका नेतृत्व स्टोरीटेलर संजीव कुमार प्रधान ने किया। बच्चों ने बहुत उत्साह के साथ इसका आनंद लिया। इसके बाद श्री विवेक कुमार ने एक क्विज़ प्रतियोगिता करवाई, जिसमें बच्चों ने सक्रिय रूप से अपना ज्ञान दिखाया और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। संबलपुर पुस्तक मेले का बच्चों का आखिरी सत्र राष्ट्रीय पुस्तक मेला कार्यशाला थी। नौ दिनों तक बच्चों के सभी कार्यक्रम एनसीसीएल टीम की देखरेख और मैनेजमेंट में आयोजित किए गए।

दोपहर में सेतु द्वारा मेले का समापन समारोह आयोजित किया गया। संबलपुर के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट, श्री सिद्धेश्वर बलिराम बोंडर इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि हीराकुड वन्यजीव प्रभाग की डीएफओ सुश्री अंशुप्रज्ञान दास, सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित हुई। संबलपुरी भाषा और साहित्य के जाने-माने विद्वान श्री पूर्णचंद्र साहू को सेतु सम्मान से सम्मानित किया गया। श्री विनोद कुमार बिस्वाल को शिक्षाविद बालकृष्ण कर स्मृति सम्मान मिला, और सुश्री शुभ्राकांति नायक को उनकी समर्पित सेवा के लिए डॉ. दीप्तिबाला पटनायक कर्मयोगी महिला सम्मान से सम्मानित किया गया। संबलपुर की जिला मैट्रिक टॉपर, सुश्री जी. सिरिशा को क्षीरोद मिश्रा स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि अविभाजित संबलपुर की जिला मैट्रिक टॉपर सुश्री बबीता रथ को स्वतंत्रता सेनानी घनश्याम पाणिग्रही स्मृति पुरस्कार से सम्मानिक किया गया।

समारोह की अध्यक्षता सेतु के अध्यक्ष डॉ. मिनकेतन पैथी ने की और सचिव हरिनारायण पांडा ने गतिविधि रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम के आयोजन में संयुक्त सचिव डॉ. स्वयंप्रकाश पांडा और सुकांत कर, रीतारानी मिश्रा, अखिल बिस्वाल, अनन्या बेहरा और डॉ. सिद्धार्थ पांडा ने योगदान दिया। सेतु के संयुक्त सचिव सरोज कुमार मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर सेतु स्मारिका और श्री पूर्णचंद्र साहू द्वारा लिखित संबलपुरी पुस्तक का विमोचन किया गया। 

शाम को दिल्ली के मशहूर ग्रुप कर्नीज़ लाइव ने सॉफ्ट रॉक, सूफी, बॉलीवुड और पॉप गानों की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ग्रुप ने कई पॉपुलर गाने गाए, जिससे संबलपुर पुस्तक मेले का समापन शानदार और यादगार रहा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ