संवाददाता - पवन कुमार गुप्ता
नई दिल्ली
KMM (भारत) चैप्टर पंजाब द्वारा पूरे पंजाब में विधायकों, मंत्रियों, संगरूर में माननीय मुख्यमंत्री जी के निवास सहित 18 जिलों के 28 स्थानों पर एक-दिवसीय धरने लगाए गए। 21 फरवरी 2026 को शहीद शुभ करण की देश-स्तरीय बरसी मनाने की घोषणा की गई और चेतावनी ज्ञापन दिए गए। आज अमृतसर में ईटीओ हरभजन सिंह ने चेतावनी पत्र लिया और शाम को एडीसी ने मंच से मुद्दे हल करने का आश्वासन दिलाया।
आज पंजाब में किसानों, मजदूरों, युवाओं, माताओं-बहनों के विशाल जमावड़े देखने को मिले। इनमें निम्न प्रस्ताव पारित किए गए—
1. भगवंत मान सरकार भारत-अमेरिका समझौते, बिजली संशोधन बिल, बीज अधिनियम, मजदूर-विरोधी चार लेबर कोड के खिलाफ विधानसभा का सत्र बुलाकर इनके विरुद्ध प्रस्ताव पारित करे और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाए।
2. भारत-अमेरिका समझौते और जन-विरोधी लाए जा रहे कानूनों के लिए मोदी सरकार का विरोध किया जाए और लोगों को आने वाले समय में बड़े संघर्षों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया जाए।
3. गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की आड़ में पंजाब के युवाओं, गैंगस्टरों के रिश्तेदारों तथा माता-पिता को बिना किसी दोष के अमानवीय यातना और मानसिक रूप से परेशान करना तुरंत रोका जाए।
4. नशों से पीड़ित युवाओं का इलाज कराकर समाज में उनका पुनर्वास किया जाए, उन्हें रोजगार दिया जाए। पंजाब में नापाक गठजोड़—नशा माफिया, राजनेता, पुलिस अधिकारी, शाही—जिसकी छत्रछाया में नशा बिकता है, उसके खिलाफ कार्रवाई हो। अंतरराष्ट्रीय सीमा से अवैध रूप से आने वाली नशीली खेपों को रोका जाए।
5. केंद्रीय बजट में किसानों, मजदूरों और आम जनता के लिए बहुत कम बजट रखने, खाद पर 10 हजार करोड़ की सब्सिडी घटाने तथा कॉरपोरेट-पक्षीय बजट पेश करने के लिए केंद्र सरकार की निंदा की गई।
मुख्य मांगें—
1. शंभू-खनौरी मोर्चे को भगवंत मान सरकार द्वारा बलपूर्वक उखाड़ने और किसानों-मजदूरों के हर तरह के सामान के नुकसान की भरपाई के लिए 3 करोड़ 77 लाख का मुआवजा दिया जाए, तथा जिन दोषी पुलिस अधिकारियों ने किसानों, मजदूरों और नेताओं पर अवैध यातना की, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
a) घायलों और शहीदों के परिवारों का शेष मुआवजा और नौकरियां दी जाएं; रेलवे और लगाए गए पुलिस केस वापस लिए जाएं।
b) एमएसपी की कानूनी गारंटी कानून, किसान-मजदूर की कर्ज-मुक्ति सहित मोर्चे की सभी मांगों का समाधान किया जाए।
2. पंजाब में आई बाढ़ मानव-निर्मित थीं—इनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। बाढ़ का शेष मुआवजा—जैसे मरी फसलें, घर, पशु, कृषि मशीनरी के नुकसान—का भुगतान किया जाए। नदी तटबंधों को पक्का करने और नालों/खालों की पूर्ण सफाई का अनुमान (एस्टिमेट) पंजाब सरकार बनाकर केंद्र को भेजे।
c) किसानों को कब्जे के आधार पर बाढ़ में क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा दिया जाए।
3. पराली प्रदूषण को लेकर किसानों पर दर्ज पुलिस केस, की गई रेड एंट्रियां और जुर्माने रद्द किए जाएं।
a) पंजाब में रेड-जोन की उद्योगों पर रोक लगे; पंजाब की हवा और पानी को प्रदूषित करने वाली उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
4. भारतमाला योजना के तहत निकाली जा रही सड़कों के लिए किसानों की मर्जी के बिना भूमि का अधिग्रहण न किया जाए और मुआवजा बाजार दर का चार गुना दिया जाए। मुआवजा किसान के खाते में डालकर ही जमीन पर कब्जा लिया जाए।
5. हर प्रकार के आबादकार किसानों का उजाड़ा बंद किया जाए और उन्हें मालिकाना हक दिए जाएं।
— किसान मजदूर मोर्चा भारत, चैप्टर पंजाब
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